शहर में अब सब नौरमल है
आज कोई वारदात नहीं हुई
जावेद आज काम पर नहीं गया
नौकरी नौशीन की छूट गयी
अब्दुल का अड्मिट कार्ड कहीं ग़ुम है
और अम्मी शायद घर का रास्ता भूल गयी -
मगर शहर में सब नौरमल है।
सूरज आज भी मस्जिद के पीछे से उगा
झंडे का केसर कुछ आँख में चुभा
लेकिन देखो आज का दिन क्या खूब चढ़ा -
दूध का दाम २०० रुपए प्रति लीटर है
स्कूल कुछ दिन के लिए बंद है
और दीवारों पे काली पुथायी है
पर शहर में सब नौरमल है।
अब्बा कह रहे थे
काग़ज़ फ़रोल रहे थे
बुदबुदा रहे थे खुद से
अम्मी की पाजेब देख के
चलो अब्दुल बेटा कहीं और चलें
इस शहर में सब नौरमल है।
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