Monday, March 2, 2020

Normal


शहर में अब सब नौरमल है 
आज कोई वारदात नहीं हुई
जावेद आज काम पर नहीं गया
नौकरी नौशीन की छूट गयी 
अब्दुल का अड्मिट कार्ड कहीं ग़ुम है 
और अम्मी शायद घर का रास्ता भूल गयी -
मगर शहर में सब नौरमल है।

सूरज आज भी मस्जिद के पीछे से उगा
झंडे का केसर कुछ आँख में चुभा 
लेकिन देखो आज का दिन क्या खूब चढ़ा -
दूध का दाम २०० रुपए प्रति लीटर है 
स्कूल कुछ दिन के लिए बंद है 
और दीवारों पे काली पुथायी है
पर शहर में सब नौरमल है।

अब्बा कह रहे थे 
काग़ज़ फ़रोल रहे थे
बुदबुदा रहे थे खुद से
अम्मी की पाजेब देख के 
चलो अब्दुल बेटा कहीं और चलें
इस शहर में सब नौरमल है।