Friday, July 17, 2020

Accordion

इश्क़ की परतें 
accordion की तहों 
की तरह होती हैं 
अलग होती हैं 
तो आवाज़ करती हैं 
पास आती हैं 
तो आहें भर्ती हैं। 

Ishq ki partein
accordion ki tahon
ki tarah hoti hain
alag hoti hain 
to aawaaz karti hain
paas aati hain
to aahein bharti hain.

Saturday, April 18, 2020

Black

an unending pit
of smoke
rising, billowing
turning into
dark clouds
that don't rain
like shadows
cast overhead
they don't go
and you stay
underneath
even though
you want to be
anywhere, but here.

Monday, March 2, 2020

Normal


शहर में अब सब नौरमल है 
आज कोई वारदात नहीं हुई
जावेद आज काम पर नहीं गया
नौकरी नौशीन की छूट गयी 
अब्दुल का अड्मिट कार्ड कहीं ग़ुम है 
और अम्मी शायद घर का रास्ता भूल गयी -
मगर शहर में सब नौरमल है।

सूरज आज भी मस्जिद के पीछे से उगा
झंडे का केसर कुछ आँख में चुभा 
लेकिन देखो आज का दिन क्या खूब चढ़ा -
दूध का दाम २०० रुपए प्रति लीटर है 
स्कूल कुछ दिन के लिए बंद है 
और दीवारों पे काली पुथायी है
पर शहर में सब नौरमल है।

अब्बा कह रहे थे 
काग़ज़ फ़रोल रहे थे
बुदबुदा रहे थे खुद से
अम्मी की पाजेब देख के 
चलो अब्दुल बेटा कहीं और चलें
इस शहर में सब नौरमल है।

Saturday, February 29, 2020

HAQ

ऊँची इमारतों में
दिल नहीं रहते।
लम्बी गाड़ियों के
इमां नहीं होते।
रेशम की चादरों
की हिम्मत कम होती है ।
और तूफ़ानों में -
टीन की छतों के कलेजे नहीं बचते।
दिखते सब एक से हैं यह इंसां,
पर किसी किसी के
हक़ लाज़िम नहीं होते।